अब्दुल कलाम जी का जीवन परिचय – A P J Abdul kalam biography in hindi

abdul kalam biography
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Dr. A P J Abdul Kalam जिन्हें हम सब भारतीय मिसाइल मैन के नाम से जानते है. जिन्होंने अपना पूरा जीवन वैज्ञानिक के तौर पर सभी रक्षा अनुसंधानों , विकास संगठन , अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन व देश की आन्तरिक शक्ति की मजबूती में लगा दिया. कलाम जी के इन्ही सब योगदान के वजह से उन्हें भारतीय गणतंत्र के ग्यारहवे राष्ट्रपति पद के तौर पर नियुक्त किया गया.

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अब्दुल कलाम जी का मन बचपन से ही विज्ञानं के तरफ पूर्ण रूप से मुड़ा हुआ था. कलाम जी का विज्ञानं के प्रति लगाव ने ही उन्हें अपने जीवन में अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया. जिस कारण कलाम जी ने अपने आप को एक सफल वैज्ञानिक बनाया और इसी सफलता ने कलाम जी को भारत के कई बड़े अनुसंधानों में काम करने मौका दिया.

कलाम जी ने अपने जीवन में भारत के कई अनुसंधानों में समय बिताया और इन्ही सब समय में उन्होंने कुछ ऐसा भी कार्य किये जिससे भारत की तस्वीर पूरी दुनिया में अलग से निखर कर आई है. कलम जी ने अपने वैज्ञानिक जीवन में चार दशको तक रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन ( DRDO ) व भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO ) में कार्य किया और आगे चलकर इसे संभाला भी है.

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Abdul Kalam जी ने इन सब के अलावा भी कई नागरिक प्रोजेक्ट व अन्तरिक्ष कार्यो में भी सहयोग दिया. इसी के साथ इन्होने भारत के कई मिसाइल के परिक्षण व मिसाइल को तैयार करने में भी कार्य किया. ताकि आने वाले समय में भारत के पास भी वह सब चीज उपलब्ध हो जो आज के समय में बाकि देश के पास है. कलम जी ने इसी के साथ बैलेस्टिक मिसाइल व प्रक्षेपण यान प्रोद्योगिक में भी कार्य किया. जिसके बाद कलाम जी को भारत देश में “ मिसाइल मैन ” के नाम से भी जाना गया.

इसी प्रकार कई और भी प्रमुख बाते कलाम जी के जीवन से जुडी है, जो आपको आगे एक सूची हिसाब से देखने को मिलेगी. आप सभी से निवेदन यह की आप सब कलाम जी के जीवनी को जरुर पढ़े ताकि आप भी कलम जी के जीवनी से कुछ प्रेरणा ले कर अपने जीवन में सफल हो सके.

ए. पि. जे. अब्दुल कलाम का जीवन परिचय – Abdul kalam biography

          नाम ए. पि. जे. अब्दुल कलाम
       जन्म                १५ अक्टूबर १९३१
      जन्म स्थान          रामेश्वरम, तमिलनाडु ( भारत )
अब्दुल कलाम की शिक्षा          सेंट जोसफ़ कॉलेज , तिरुचिरापल्ली       
मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी
     कार्य विशेषता   प्रोफ़ेसर , लेखक , वैज्ञानिक , एरोस्पेस इंजिनियर
          मृत्यु                 २८ जुलाई २०१५
        हस्ताक्षर  
       वेबसाइट                abdulkalam.com

ए. पि. जे. अब्दुल कलाम का प्रारंभिक जीवन – Abdul kalam History

A P J Abdul Kalam History जी का जन्म १५ अक्टूबर 1931 में रामेश्वरम, तमिलनाडु में एक छोटे से मुस्लिम परिवार में हुआ था. इनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन मरकायर और माता का नाम आशिमा जैनुलाब्दीन था. कलाम जी के पिता ने ज्यादा पढाई नहीं थी. लेकिन वह बहुत ही सत्य वचन के व्यक्ति और इन्ही के विचारो , आदर्शो , ने कलाम जी को बचपन में बहुत अधिक प्रेरणा दी.

अब्दुल कलम जी के घर की बात करे तो आपको यह बता दे की, कलाम जी का परिवार काफी बड़ा था. इनके घर में कुल तिन परिवार रहते थे. जिसमे से कलाम जी के परिवार में ही कुल १२ लोंग रहते थे. क्योकि कलम जी के कुल ५ भाई व ५ बहन थे. जिस कारण इनका परिवार काफी बड़ा था. इस परिवार को चलने के लिए इनके पिता ने नाव को मछुआरो को किराये पर देना चालू किया. जिससे कुछ पैसे आने लगे और परिवार का पालन – पोषण होने लगा.

इस गरीबी और परिवार में सदस्यों की अधिक संख्या देखकर ही अब्दुल कलाम जी ने पढाई से मुह नहीं मोड़ा और  बचपन से छोटा – मोटा काम करना चालू किया. इन सब काम से उनको पैसे मिलने लगे जिससे कलाम जी ने अपनी पढाई चालू की और जब वह पढाई करते थे. तब वह कभी भी अपनी गरीबी के बारे में नहीं सोचते और उनके जीवन का केवल एक ही मकसद था. जीवन में एक सफल वैज्ञानिक बनकर निखारना है.

अब्दुल कलम जी के जीवन की परेशानी की अगर करे तो कई लोंगो के आँखों में आंसू आ जाते है. क्योकि अपने पुरे जीवन के सुरुवाती दिनों में कलाम जी ने पढाई के लिए काफी मुसीबत का सामना किया. लेकिन इसके बावजूद भी कलम जी ने अपने जीवन को एक नई दिशा के तरह मोड़ा और इसी मोड़ ने आगे आने वाली पीढ़ी के लिए सफलता का एक बहुत ही अच्छा सूत्र तैयार किया.

सूत्र –   “ जीवन में कोशिस करने वालो की कभी हार नहीं होती ”

अब्दुल कलाम की शिक्षा – Abdul kalam education

Abdul kalam education जब अब्दुल कलाम जी जब पांच बर्ष के हुए तब उन्होंने अपना दाखिला एक सरकरी स्कुल में करा लिया. इस स्कूल में ही कलाम जी को एक शिक्षक ने बताया की जीवन में ( सफल व कुछ पाने ) के लिए आपको इन तिन शक्ति  तीव्र इच्छा , आस्था , अपेझा को पूर्ण रूप से समझना पड़ेगा.

जब कलाम जी अपनी पाँचवी कझा में पढाई कर रहे थे. तब ही उन्होंने यह निर्णय ले लिए था की आगे चलकर उन्हें Aero Space Engineering से पढाई करनी है. यह निर्णय कलाम जी ने एक उडती चिडिया को देख कर लिया था.

जब कलाम जी पांच कझा में पढाई कर रहे थे. तब उनके अध्यापक सभी छात्र को चिडिया के उड़ने के बारे में पढ़ा रहे थे, यह विषय सभी छात्र को नया लगा और इसी कारण वह इसे समझ नहीं प् रहे थे. इसके बाद उनके अध्यापक ने सभी छात्र को गहराई से समझाने के लिए समुन्द्र तट पर ले गए. जब सभी छात्र चिडिया का उड़ना समझ रहे थे. तब ही कलाम जी ने यह निर्णय ले लिए की आप आगे उन्हें अब विमान विज्ञानं में पढाई करनी है.

लेकिन कलाम जी के परिवार की दसा सही नहीं थी. इस लिए कलाम जी ने अपने पढाई के पैसे इकठा करने के लिए उन्होंने घरो में अख़बार बाटने का काम भी सुरु किया. इन सभी कामो के साथ – साथ कलाम जी ने पढाई पर भी अधिक ध्यान दिया. आप इस बात से अनुमान लगा लीजिये की कलाम जी सुबह ४ बजे उठ कर अपनी गणित की कोचिंग पढने जाते थे.

इसी के साथ कलाम जी ने अपनी स्नातक की डिग्री १९५० में मद्रास इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में अन्तरिक्ष विज्ञानं से प्राप्त की थी. इसके बाद उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना में काम करने के लिए भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संघठन में प्रवेश किया. इस संस्था में कलाम जी ने बहुत से उपग्रह का सफल परिक्षण किया. इसके बाद १९६१ में कलाम जी ने भारत के लिए कई प्रमुख उपग्रह पर काम किया. इसी के साथ कलाम जी ने भारत के पहली उपग्रह एस एल वि ३ के निर्माण में अपनी प्रमुख भूमिका निभाई और इसी के साथ भारत का रोहणी उपग्रह १९८२ में सफलता पूर्वक अन्तरिक्ष में प्रझेपण किया गया.

अब्दुल कलाम जी का वैज्ञानिक जीवन

कलाम जी ने अपने सम्पूर्ण जीवन में वैज्ञानिक छेत्र में काफी योगदान दिया. कलाम जी के योगदान की सुरुवात सन् १९७२ में भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान से जुड़ने से हुई और इसी के कलाम जी को भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह को बनाने का एस एल वि ३ के निर्माण का श्रेय प्राप्त हुआ.

abdul kalam GSLV 3
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इस के बाद कलाम जी को भारत के रोहणी उपग्रह को सन् १९८० ई में प्रथ्वी की कक्षा के निकट स्थापित करने का एक सुनहरा मौका मिला और इसी सफल पयोग के साथ भारत को भी सभी देशो के तरह अंतराष्ट्रीय अन्तरिक्ष क्लब में सामिल होने का मौका मिला.

इसी के बाद कलाम जी ने भारतीय सेना के लिए दुश्मनों को लेजर से मरने वाले ग्रेनेड का भी निर्माण किया. इसके बाद कलाम जी ने भारत की दो बड़ी मिसाइल अग्नि और प्रथ्वी प्रेक्षपस्त्रो को विदेशी तकनिकी के मदद से तैयार किया.

कलाम जी ने इसके बाद ही भारत को परमाणु शक्ति प्रदान करने के लिए पोखरण में परमाणु हथियार का परमाणु उर्जा के साथ एक सफल परिक्षण किया. जिसके बाद भारत देश भी विश्व में परमाणु हथियार से संयुक्त देश बन पाया है.

कलाम जी ने भारत के लिए २०२० तक एक भारत को एक आधुनिक देश बनाने की एक अच्छी सोच प्रदान की जिसके बाद भारत के कई वैज्ञानिक इस काम को पूरा कर रहे. इसके बाद कलाम जी ने अपने सारा ध्यान भारत की सेना की शक्ति को बढ़ने के लिए ग्रेनेड पर काम किया. इस काम के लिए वह दुबारा से भारतीय रक्षा अनुसंधान में नेर्देशक के तौर पर वापसी की थी.

कलाम जी के उन्ही योगदान के चलते उन्हें १९९२ में भारतीय रक्षा मंत्रालय में वैज्ञानिक सलाहकार के रूप ने नियुक्ति की गई. जिसके बाद १९९८ में भारत में अपना दूसरा परमाणु परिक्षण किया और इसी के साथ भारत सम्पूर्ण रूप से परमाणु संयुक देश बन गया.

अब्दुल कलाम जी का विज्ञान की दिशा में प्रमुख योगदान

  • सन् १९७२ में कलाम जी ने भारत के प्रथम उपग्रह एस एल वि ३ में काम किया.
  • सन् १९८० में कलाम जी ने भरत के रोहणी उपग्रह को पृथ्वी के कक्षा तक पहुचाया.
  • सन् १९८० में ही ISRO ने व्हीकल प्रोग्राम में परवाना चढाने का श्रेय मिला.
  • कलाम जी सन् १९९२ से १९९९ तक रक्षा मंत्री के विज्ञानं के सलाह कर रहे.
  • भारत को १९९८ परमाणु शक्ति देश बनाने में कलाम जी का बहुत ही बड़ा हाथ था.
  • कलाम जी ने भारत को आधुनिक बनाने के लिए २०२० तक के वैज्ञानिक कम्मो की एक सूची बनाई थी.
  • कलाम जी ने भारतीय सेना की शक्ति को बढ़ाने के लिए कई मिसाइल और ग्रेनेड को निर्माण करने का काम किया.
  • भारत देश की दो प्रमुख मिसाइल अग्नि और पृथ्वी को बनाने का पूरा श्रेय कलाम जी को हो जाता है.

मिसाइल मैंन नाम की उपाधि – Abdul Kalam Missile man

अब्दुल कलाम जी ने सन् १९८८ में प्रथम मिसाइल पृथ्वी और सन् १९८९ में अग्नि मिसाइल का सफल परिक्षण किया. इसके अलावा भी कलाम जी ने भारत के लिए कई मिसाइल का सफल परिक्षण किया. इसके बाद IGMDP निर्देशन ए . पि . जे . अब्दुल कलाम के कामो को देखते हुए, कलाम जी को “ मिसाइल मैंन ” के नाम की उपाधि दी थी. इसी के बाद कलाम जी को पूरा देश मिसाइल मैंन के नाम से जानने लगे.

अब्दुल कलाम जी का व्यक्तिगत जीवन

कलाम जी अपने जीवन में बहुत ही साधारण व अनुशासन का पालन करने वाले व्यक्ति थे. वह अपने जीवन में कुरानश्री भगवत गीता इन दोनों पुस्तक का ध्यान करते थे. इसके अलवा वह तिरुक्कुरल ( प्राचीन भाषा में लिखित मुक्तक पुस्तक ) का भी अध्यन करते थे. इस बात का उल्लेख कलाम जी ने अपने कई भाषणों में किया है.

कलाम जी अपने सम्पूर्ण जीवन में वैज्ञानिक कार्यकर्मो में ज्यादा समय देते थे. इसके अलावा कलाम जी यह चाहते थे की भारत एक आधुनिक देश बन कर पूरी दुनिया में चमके इस काम के लिए उन्होंने कई उपकरणों में अपना योगदान दिया. इसी के बाद कलाम जी ने भारतीय अन्तरिक्ष के कई कार्यक्रम में अपना योगदान दिया और भारत को दुनिया में एक अलग पहचान दी.

कलाम जी को छोटे बच्चे बहुत पसंद थे. वह इन छोटे बच्चो से बात करने के लिए हमेशा किसी न किसी स्कूल में जाया करते थे. इन सभी जगह पर कलाम जी बच्चो को विज्ञानं के प्रति और अपनी पढाई के प्रति लापरवाही न करने की सलाह दिया करते थे.

अब्दुल कलम जी का राष्ट्रपति कार्यकाल

अब्दुल कलाम जी ने १८ जुलाई २००२ में ९० प्रतिशत वोट के साथ इन्हें भारत का नया राष्ट्रपति पद को ग्रहण किया. इस पद को ग्रहण करने से पहले कलाम जी भारतीय जनता पार्टी की एन. डी . ए ने अपना उम्मीदवार बनाया और इसी का कलाम जी का विपक्षी पार्टी ने बहुत विरोध किया. लेकिन भारत की जनता को कलाम जी का राष्ट्रपति बनाना काफी पसंद आय.

अब्दुल कलाम जी ने २२ जुलाई २००२ को भारत के संसद में अपना राष्ट्रपति पद की शपथ ली. इस शपथ ग्रहण सम्हारोह में भारत के प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपाई के सहित सभी मंत्री मंडल के लोंग भी उपस्थित हुए. इसके बाद कलाम जी ने भारत के राष्ट्रपति पद पर २२ जुलाई २००७ तक रहे. इस कार्यकाल में कलाम जी ने भारत की नै पीढ़ी को विज्ञानं के तरफ जागरूक करने के लिए कई कार्यो का आरंभ किया.

Abdul Kalam
Abdul Kalam

कलाम जी अपने जीवन में बहुत ही सरल व्यक्ति थे, इसके अलावा आपको यह जान कर हैरानी होगी की कलाम जी पूर्ण रूप से शाकाहारी ही थे. इसके अलावा कलाम जी ने अपने आगे आने वाली पीढ़ी को आगे बढने के लिए कई पुस्तक भी लिखी. इन सभी पुस्तक में “ विंग आफ फायर ” नाम की बुक कलाम जी ने ख़ास तौर पर नई पीढ़ी के लिए लिखी थी.

कलाम जी ने कभी भी राजनीती के मामलो में दखल नहीं देते. लेकिन जब वह राष्ट्रपति बने तब उन्होंने भारत के आधुनिक विकास के लिए कई नीतियो को बनाई. इन सभी नीतियों में सबसे ज्यादा अन्तरिक्ष विज्ञानं , परमाणु शक्ति , दूर – संचार सेवा , आधुनिक भारत , आदि कई और प्रमुख नीतिया बनाई थी. इन सभी निति को कलाम जी ने एक किताब “ भारत २०२० ” का नाम दिया और उसी से आगे जाने का संकेत दिया.

राष्ट्रपति पद के बाद का सफ़र

जब अब्दुल कलाम जी ने अपना २००७ में राष्ट्रपति कार्यकाल को छोड़ा. तब उसके बाद वह कलाम जी को भारत के कई प्रमुख संस्था विजिटिंग प्रोफ़ेसर बने और इन सभी संस्था में कुछ प्रमुख संस्था इस प्रकार भारतीय प्रबंधन शंस्थान शिलागो , भारतीय प्रबंधन शंस्था अलाहाबाद , भारतीय प्रबंधन संस्था इंदौर , भारतीय विज्ञानं संस्था बंगलूर , आदि है. इसके अलावा कलाम जी को भारतीय अन्तरिक्ष विज्ञानं एवं प्रोद्योगिक संस्था, तिरुवंतपुरम के कुलाधिपति पद से समानित किया गया. कलाम जी को इसके अलावा भारत के कई और संस्था में अरोस्पस प्रोफ़ेसर के रूप में चुना गया,

Abdul Kalam Speech
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सन्  २०१२ में कलाम जी ने भारत के नई पीढ़ी को विज्ञानं और आन्दोलन को खत्म करने के बारे में कुछ नया सीखने के लिए “ मै अन्दोलन को क्या दे सकता हु ” की शुरुवात की थी. इसके अलावा कलम जी कलि समय में कुछ किताब या फिर किसी तरह के ग्रन्थ को पढ़ लेते थे.

कलाम जी को बच्चे बड़े ही अच्छे लगते थे, इस लिए वह कलि समय में कभी कभी बच्चो के पास जा कर उनके साथ गीत संगीत किया करते थे. इसके अलावा कलाम जी बच्चो को जागरूक करने के लिए कॉलेज में भी जाया करते थे.

अब्दुल कलाम की लिखी किताब – Abdul kalam book

Abdul kalam book दोस्तों अब्दुल कलाम जी ने अपने जीवन में कई किताब लिखी और यह किताब बहुत ही लाभदायक भी है. अब आपको हम कलाम जी की लिखी कुछ प्रमुख किताब के बारे में बताने जा रहे है.

  • इंडिया २०२०
  • विजन फायर डा न्यू मिलेनियम
  • मई जर्नी
  • इग्राटीड़ माइंड्स – अनलीशिंग द पावर विदीन इंडिया

पुरुष्कार व सम्मान – AP J Abdul kalam award

A P J Abdul kalam award दोस्तों कलाम जी को भारत के कई प्रमुख पुरष्कारो से समनित किया गया है, इसके अलावा आपको बता दे की कलाम जी को विश्व कई विश्व विद्यालय से समानित भी किया जा चूका है. अब हम आपको कलाम जी के सम्पूर्ण जीवन में मिले कुछ प्रमुख पुरष्कार व सम्मान के बारे में बताने जा रहे है. 

              सम्मान का वर्ष                  सम्मान व पुरष्कार
           २०१४              डाक्टर आफ साइंस
            २०१२               डाक्टर आफ लाजं
               २०११         आई .ई .ई .ई मनादता सदस्यता
              २०१०           डाक्टर आफ इंजीनियरिंग
              २००९              मानद डाक्टरेट
              २००९              हूवर मेडल
              २००९   वार्न कार्मन विंग्स अंतरराष्ट्रीय अवार्ड
              २००८    डाक्टरेट आफ इंजीनियरिंग ( मानद उपाधि )
              २००८            डाक्टर आफ साइंस
              २०००            रामानुजन पुरष्कार
              १९९८           वीर सावरकर पुरष्कार
              १९९७         इंद्रा गाँधी राष्ट्रीय एकता अवार्ड
              १९९७                  भारत रत्न
              १९९४                विशिस्ट सोधार्ती
              १९९०                 पद्म विभूषण 
              १९८१                  पद्म भूषण

अब्दुल कलम का शिक्षा के प्रति योगदान

दोस्तों अब्दुल कलाम जी बचपन से ही पढाई के प्रति बहुत ही आकर्षित रहे. उन्होंने अपने पुर जीवन में कभी भ अपना एक मिनट भी नहीं ख़राब किया होगा. इसके अलावा वह हमेशा से छोटे बच्चो को पढाई के प्रति जागरूक होने के लिए उन्हें सन्देश देते थे. इस सन्देश में कलाम जी किसी अच्छी किताब वह आगे आने वाले समय में दुनिया में भरता की एक अलग पहचान बनाने के बारे में बताते थे.

कलाम जी बचपन से काफी गरीब थे, लेकिन कलाम जी ने अपने पुरे जीवन में कभी भी इस बात को एक मिनट के लिए नहीं सोचा की हम गरीब है. हम पढाई के लिए पैसे कहा से लायेंगे. इन सभी चीज को अपने दिमाग से निकल कर कलाम जी ने यह सोचा की हम स्पेस इंजिनियर कैसे बनेंगे और इसके लिए हमें कितनी पढाई करनी पड़ेगी.

इस सोच को लेकर आगे चलने वाले कभी भी अपने जीवन में विफल नहीं होते, इस लिए कलाम जी बच्चे को पढाई करके देश के लिए कुछ अच्छा करने को कहते थे.

अब्दुल कलाम जी की स्पीच – Abdul kalam speech

अब्दुल कलाम जी ने अपने जीवन में कई बार मंच की मदद से आने वाली नई पीडी को जीवन में सफल बनकर चमकने का अच्छा सन्देश दिया है. इस सन्देश के लिए आप इस विडियो को पूर्ण रूप से देखे.

निधन – Abdul kalam death

Abdul kalam death २७ जुलाई २०१५ को अब्दुल कलम जी भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोंग में “ रहने योग्य घर ” के ऊपर एक सुनहरा भाषण दे रहे थे. लेकिन इसी भाषण के बिच में कलाम जी के दिन में हल्का सा दर्द उठा और वह उसी समय मंच पर ही गिर पड़े. तब वह पर बैठे सभी सिपाही उन्हें उठाने ए और उन्हें अपने साथ लगभग ६:३० बजे के करी बेथानी अस्पताल के आई सी यु में ले गए.

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जब docter ने देख तब उन्होंने बताय की कलाम जी को दिल का दौरा पड़ा है, इसी के बाद docter ने २ घंटे बाद कलाम जी की मृत्यु की पुष्टि की और बताया की जब कलाम जी को यहाँ लाया गया था. तभी इनकी नब्स और ब्लड प्रेशर ने काम करना बंद कर दिया था.

इसी के साथ कलाम जी ने हम सभी देशवासी की आँखों को नम करके इस समाज को अलविदा कर दिया. जिसके बाद पुरे देश मे एक दुखद सा माहोल हो गया था. क्योकि पुरे देश ने अपना एक बहुत ही अच्छा मार्गदर्शक खोया था.

निधन पर शोक

कलाम जी के मृत्यु पर देश व विदेश दोनों ही जगह पर शोक का माहोल था. इस शोक की सभी देश ने अपने – अपने अंदाज़ में व्यक्त किया. भारत सरकार ने कलाम जी की मृत्यु पर पुरे देश में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया. इसके अलावा भारत के राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री , गृह मंत्री , रक्षा मंत्री , हर राज्य के मुख्यमंत्री आदि ने कलाम जी की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया.

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भारत के अलावा दुनिया के कई देशो ने कलाम जी की मृत्यु पर सोशल मिडिया या चिट्टी के माध्यम से शोक को व्यक्त किया. सभी देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने कलम जी के बारे में काफी कुछ बताया और कहा की आज दुनिया ने अपना एक प्रमुख तारा खोया है. इसी के साथ आज अब्दुल कलाम जी की जीवनी समाप्त होती है.

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