अन्तरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला का जीवन परिचय | kalpana chawla biography

kalpana chawla biography
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Kalpana Chawla अन्तरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला थी, जिन्होंने NASA के कोलंबिया मिशन और STS – 87 मिशन के दल में सामिल होने वाली पहली भारतीय महिला था, इन मिशन से ही kalpana Chawla ने पहली बार अन्तरिक्ष ने उडान भरी और तभी से सभी भारतीय उन्हें अन्तरिक्ष की परी के नाम से भी जानने लगे.

Kalpana Chawla image
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दोस्तो आज के समय में हम बहुत ही अडवांस होते जा रहे. हमारी पढाई भी काफी हद तक एडवांस हो गई है, लेकिन इसके बावजूद भी हम अगर आज के समय में असमान में उपस्थि चाँद तारे को देखते है, तब हमारे मन मे भी यह ख्याल आता होगा की हमें भी एक स्पेस वैज्ञानिक बनाना चाहिए, ताकि ब्रह्माण्ड में उपस्थित सभी चाँद , तारो , गृह , उल्का आदि के बारे में जान सके.

लेकिन कुछी समय बाद हमारे मन में यह भी ख्याल आने लगता की स्पेस वैज्ञानिक बनना काफी मुश्किल है, इस सोच से ही कई लोंग अपने सपने को तोड़ देते है, लेकिन आज से कुछ बर्ष पहले एक भारती महिला कल्पना चावला जिन्होंने अन्तरिक्ष की उडान का एक देखा और अपनी महनत और लगन से इस सपने को साकार करके खुद को एक Astronaut के औदे से रूबरू कराया.

इस सफलता के बाद ही दुनिया को उनका एक नया astronaut और भारत को अपनी अन्तरिक्ष परी मिली. कल्पना चावला की इस सफलता ने उन सभी लोंगो को यह एक मोटिवेशन दिया की किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपकी एक सकारात्मक सोच ही काफी है. इस लिए आप अपना लक्ष्य बनाये और उसे प्राप्त करने के लिए आप सपना सब कुछ झोक दे ताकि आपको अपने लक्ष्य में सफलता मिल सके.

kalpana space crew team
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दोस्तों अन्तरिक्ष की परी कही जाने वाली कल्पना चावला. जिन्होंने अपने सपनो को साकार करने के लिए दिन – रात काफी पढाई की और अपने पढाई के प्रति लगन से ही कल्पना चावला ने दुनिया की सबसे बड़ी अन्तरिक्ष कार्यालय NASA में एक Aerospace scientist के रूप में एक जगह बनाई.

इसी कार्यालय में कल्पना चावला को उनके लगन और महंत को देखते हुए अन्तरिक्ष में जाने का मौका दिया. इस मौके की तलाश में कल्पना चावला ने तुरंत इस मिशन में सामिल होने के लिए मंजूरी दे दी और इसी के बाद कल्पना चावला अपने मिशन के सभी दल के साथ अन्तरिक्ष की सयेर पर निकल गई.            

कल्पना चावला का जीवन परिचय – Kalpana chawla History

                नाम                कल्पना चावला
               जन्म                 १७ मार्च १९६१
               मृत्यु                 १ फरवरी २००३
             जन्म स्थान                करनाल , हरियाणा
             मृत्यु स्थान             अन्तरिक्ष से वापस आते समय
               पेशा                  स्पेस इंजीनियरिंग
           पिता का नाम                 बनारसी लाल चावला
           माता का नाम                  संज्योथी चावला
           पति का नाम               जीन पिएरे हैरिसन
             अवोर्ड्स       कांग्रेशनल स्पेस मडल आफ अन्नार
      kalpana Chawla signature  
   

कल्पना चावला का प्रारंभिक जीवन – Kalpana chawla biograpgy in hindi

Kalpana Chawla जी का जन्म १७ मार्च १९६२ में हरियाणा के करनाल राज्य में हुआ था. कल्पना चावला के पिता का नाम बनारसी लाल चावला और माता का नाम संज्योथी चावला था. कल्पना के घर में उनसे बड़े ३ भाई , बहन थी. कल्पना अपने परिवार में सबसे छोटी थी , जिस कारण परिवार के सभी लोंग कल्पना को बचपन में प्यार से मोंटू कहकर बुलाते थे.

कल्पना चावला जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा करनाल के “ टैगोर बल निकेतन ” से चालू की थी. कल्पना जब छोटी थी तब वह रात के अँधेरे में आसमान में उपस्थित चाँद , तारो को देका करती थी, एक दिन उनकी माता ने कल्पना से पुछा की बेटा आप आसमान में क्या देखते हो रोज – रोज, तब कल्पना ने बताया की माता मुझे इन तारो और चन्द्रमा को पास जाना है. इस बात को उनकी माता समझ न पाई क्योकि कल्पना ने अपनी छोटी उम्र में ही चाँद पर जाने का एक अटूट सपना बना लिया था.

Kalpana chawala childhood
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कल्पना चावला जब कक्षा आठ में पहुची तब उन्होंने अपनी माता से इंजिनीरिंग करने की ईच्छा को जाहिर की, तब उनकी माता ने अपनी बेटी की इस ईच्छा को कल्पना के पिता से बताया, पिता जी ने बेटी की भावनाओ को समाज के दर से दबाया नहीं बल्कि उन्हें एक नई पंख दिए. ताकि वह इस समाज से आगे निकला कर कुछ नया कर सके.

इसी के बाद कल्पना ने इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और अपने सपनो को एक नई पंख दिए, कल्पना कभी भी किसी परिस्थिति से नहीं घबराती थी, वह अपने कठिन परिश्रम और लगन से वह हर चीज को हासिल कर लेती थी, जिसकी उन्हें जरुरत होती थी. इसी प्रकार उन्होंने अपने जीवन में एक Astronaut ( अन्तरिक्ष यात्री ) बनने का एक सपना देखा और इस सपने को उन्होंने अपनी महंत की दम पर हासिल भी किया.

कल्पना चावला की शिक्षा – Kalpana chawla Education

kalpana chawla Education ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा करनाल के टैगोर पब्लिक स्कूल से प्राप्त की और इसी के बाद कल्पना ने चंडीगड़ , पंजाब में स्थित “ पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ” से सन् १९८२ में इंजीनियरिंग की डिग्री को प्राप्त की. इसी के बाद कल्पना को अपने सपने के लिए एक उडान मिली.

इस के बाद कल्पना चावला जी अपनी आगे की पढाई के लिए सन् १९८२ में सयुक्त राज्य अमेरिका चली गई. इस जगह पर उन्होंने Aerospace Engineering से मास्टरस की पढाई करनी सुरु की और १९८४ में उन्होंने Aerospace Engineering से उन्होंने M tech की उपाधि भी प्राप्त कर ली थी.

इसी के बाद कल्पना चावला जी ने दूसरी बार Aerospace Engineering में विज्ञान निष्णात में मास्टर्स को पूरा किया. जिसके बाद १९८६ से कल्पना चावला जी ने कोलोराडो विश्व विद्यालय से Aerospace Engineering से P. hd की पढाई सुरु कर दी. जिसके बाद कल्पना चावला ने दुनिया के सबसे बड़े स्पेस कार्यालय NASA में अपनी Aerospace Engineering की फिल्ड में एक वैज्ञानिक के रूप में अपनी जगह बनाई.

Kalpana chawla जी को पढाई खत्म करने के बाद हवाई जहाज , ग्लैडारो , व्यावसयिक विमान आदि का लाइसेंस भी प्राप्त हो चूका था, इसके अलावा कल्पना को एक इंजन व एक से अधिक इंजन के जहाजो को उड़ाने की अनुमति भी मिल चुकी था. इस के बाद उन्होंने नासा में प्रवेश किया और देश का नाम रोशन किया.

कल्पना चावला का परिवार – Kalpana chawla Family

Kalpana chawla Family में कुल ६ सदस्य थे, जिसमे कल्पना के माता और पिता और कल्पना को मिला कर ४ भाई – बहन भी थे. कल्पना अपने परिवार में सबसे छोटी थी, जिस कारण उन्हें परिवार के सभी सदस्यों से काफी लाड – प्यार मिलता था. बचपन में घर के सभी सदस्य कल्पना को मोंटू के नाम से पुकारते थे. 

kalpana chawla family
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कल्पना जब अमेरिका में अपनी मास्टर्स की पढाई कर रही थी तब ही उनकी मुलाकात जीन पिएरे हैरिसन से हुई. जिसके बाद दोनों ने काफी समय साथ बिताया और आगे चलकर कल्पना ने अपनी शादी भी जीन पिएरे हैरिसन से कर ली थी. अगर जीन पिएरे हैरिसन की बात करे तो वह भी एक एरोनॉटिक्स के वैज्ञानिक ही थे, जो कल्पना के साथ पढाई करते थे.

कल्पना चावला का करियर

कल्पना चावला ने जब एरोनॉटिक्स से अपनी पूरी पढाई कम्प्लीट कर ली, इसी के बाद कल्पना एक उडान  प्रशिक्षक बन चुकी थी. अब कल्पना चावला को हवाई जहाजो ,  ग्लाइडरो , सामान को लाने और जाने वाले जहाजो को उड़ने की पूर्ण अनुमति मिल चुकी थी. इसी के साथ उन्हें लाइसंस और उडान प्रशिक्षक का दर्जा हासिल हुआ.

जब कल्पना चावला जी ने अपनी P. hd एरोनॉटिक्स में कर ली तब उन्हें सबसे पहले सन् १९९३ में नासा के “ अमेस रिसर्ज सेण्टर ” में “ ओवर्सेट  मेथेड्स इंक ” में उपाध्यक के पद में पहली नौकरी मिली. इस सस्था में कल्पना चावला ने अपनी पहली रिसर्ज V/STOL में SFD पर की जो की नासा के मिशन में काम करने वाला कृतिम उपग्रह था.

कल्पना चावला ने नासा में सभी छोटे मिशन जैसे – वर्टिकल , शर्ट टेक आफ , लैंडिंग पर कम्पूटर से तरल गतिशील  पर कमांड आदि मिशन में अपना सहयोग दिया, जिसके बाद NASA से कल्पना चावला के महनत और लगन को देखते हुए. उन्हें सन् १९९५ में नासा ने “ अन्तरिक्ष यात्री कोर ” ( ऐस्त्रोनोप कार्प ) के मिशन में सामिल किया.

कल्पना चावला का नासा कार्यकाल

 Kalpana Chawla ने अपनी एरोनॉटिक्स से पढाई करने के बाद तुरंत ही नासा में प्रवेश ले लिए और इसी के बाद उन्होंने नासा के कई छोटे मिशन में अपना सहयोग भी दिया. जिसके बाद कल्पना भी अन्तरिक्ष में जाने वाले मिशन की दल में शमिल किया गया.

कल्पना ने अपने जीवन में जो सपना देखा था अब वह सच होने जा रहा था. क्योकि कल्पना चावला भी अब बाकि Astronaut की तरह अन्तरिक्ष की उडान पर निकलने वाली थी. लेकिन कल्पना स्पार्टन सैटेलाइट के आयोजन करने की जिमेदारी सौपी गई. लेकिन ख़राब स्तिथि के कारण वह अपनी भूमिका में असफल रही.

सैटेलाइट में तकनिकी खराबी के कारण, सैटेलाइट ने ग्राउंड स्टाफ और फ़्लाइंग कृ के सदस्यों से नियंत्रण को खो दिया. लेकिन कल्पना चावला ने इसे सही साबित किया और इसी के बाद उनका कृ अन्तरिक्ष की उडान पर निकल पड़ा.

कल्पना चावला का प्रथम अन्तरिक्ष मिशन

Kalpana chawla जी को अन्तरिक्ष में जाने के लिए सबसे पहले सन् १९९६ में “ कोलंबिया मिशन ” के दल में चुना गया. इस मिशन में कल्पना चावला को एक अन्तरिक्ष मिशन में सहायक के रूप में छ: अन्तरिक्ष कृ की दल में चुना गया. इसी के बाद कल्पना चावला को अपने सभी साथियों के साथ 19 नवम्बर १९९७ को अन्तरिक्ष की उडान के लिए अन्तरिक्ष शटल कोलंबिया के STS – 87 से रवाना किया गया.

इस उडान के साथ कल्पना चावला ने अपने जीवन के उस सपने को सच कर लिया था, जिससे उन्होंने बचपन में अपने घर से देखा था. इसी के साथ कल्पना अब अन्तरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला बन चुकी थी और भारतीय मूल की दूसरी Astronaut, क्योकि कल्पना चावला से पहले सन् १९८४ में भारतीय मूल के राकेश शर्मा जी ने सोवियत संघ के ( Soyuz – ११ ) मिशन से पहली बार अन्तरिक्ष में प्रवेश किया था.

कल्पना जी ने अपने पहले अन्तरिक्ष मिशन में लगभग ३६० घंटे अन्तरिक्ष में बिताये और इसी के साथ लगभग पृथ्वी के २५२ परिक्रमा को पूर्ण किया. कल्पना जी ने अपने पहले मिशन में ही लगभग 10.67 मिलियन का सफ़र तय किया था.

कल्पना चावला का दूसरा अन्तरिक्ष मिशन

जब कल्पना चावला अपने पहले मिशन में सही कार्य कर के वापस लौटी तब नासा ने उन्हें सन् २००२ में फिर से कोलंबिया शटल के STS – 102 के दल में दुबारा से सामिल किया. इस मिशन से कल्पना जी को अन्तरिक्ष में उडान भरने का दूसरा मौका मिला. लेकिन इस मिशन के यांत्रिक समस्या के कारण इस मिशन को आगे टला जा रहा था. लेकिन फिर १६ जनवरी २००३ में इस मिशन को अपने दल के साथ रवाना किया. इस मिशन की समय – सीमा मात्र १६ दिन की थी.

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लेकिन इस मिशन के १६ दिन कुछ ऐसी घटना हुई जिसे आज भी सभी देशवासी नहीं भूलते, क्योकि इस मिशन के १६ दिन जब दल के सभी सदस्य अपने मिशन को पूर्ण करके वापस लौट रहे थे, तब ही धरती पर पहुचने के लगभग १६ मिनट पहले ही कोलंबिया शटल का विमान में कुछ तकनिकी समस्या आ गई, जिसके बाद यह स्पेस शटल क्रेश हो गया. जिससे मिशन में जाने वाले सभी सदस्य की असमान में ही मृत्यु हो गई.

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इस स्पेस शटल क्रेश में भारत ने अपनी एक बहादुर महिला को खो दिया. इस घटना को याद करके आज भी सारे देशवासी रो पढ़ते है. क्योकि इस घटना में भारत ने अपने “ अन्तरिक्ष की परी ” कहे जाने वाली एक बहादुर महिला को खो दिया था.

कल्पना चावला राकेट क्रेश विडियो – Kalpana chawla rocket crash

दोस्तों इस विडियो में आपको कल्पना चावला के स्पेस सटल कोलंबिया के विमान “ STS – १०२ ” के क्रेश होने का वीडियो दिखाया है. ताकि आप भी जान सके की किस तरह कल्पना चावला जब अपने दल के साथ अन्तरिक्ष से वापस धरती पर आने वाली ही तरही तभी उनका विमन ख़राब हो गया और हम सब की प्यारी कल्पना जिनको सब अन्तरिक्ष परी कहते थे, वह चंद कुछ मिनटों में इस धरती को अलविदा कह दिया.

कल्पना चावला की मृत्यु – kalpana chawla died

काल्पन चावला जिन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर अपने सपने को साकार कर के दिखाया और यह साबित भी किया की जो सपना आप देखते हो उससे आप खुद ही ही साकार भी कर सकते हो, इसके लिए आपको ण सबसे ऊपर आना है, न ही आपको सबसे निचे जाना है, बस आपको अपनी निरंतर चाल से चलना है, इसके बाद आपको आपका लक्ष्य खुद ही प्राप्त होगा.

इस तरह की सकारात्मक सोच रखने वाली कल्पना चावला अब हम सब के बिच नहीं रही, क्योकि जब कल्पना अपने सपनो की उडान में उड़ रही थी. तभी उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसे सोच कर हम सब भारतीय की आँख नम हो जाती है.

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कल्पना जब अपने दुसरे मिशन के लिए अन्तरिक्ष में गई हुई थी, जिसमे उन्होंने अन्तरिक्ष में लगभग १६ दिन बिताये और जब वह अपने सभी दल के साथ धरती पर वापस लौट रही थी, तभी उनका विमान धरती के जब ६३ किलोमीटर की दुरी पर पंहुचा. तब ही उनके विमान में कोई समस्या आ गई जिसके बाद स्पेस सटल का संपर्क टूट गया और देखते ही देखते वह एक आग के गोले में बदल जिसके बाद सभी दल के सदस्यों को मृत्यु असमान में ही हो गई.

इस दुर्घटना के समय अमेरिका के टेक्सस शहर के लोंग अपने Astronaut के स्वागत में फूलो के गुलदस्ता ले कर खड़े थे, लेकिन उन्हें क्या पता की हमरे सभी Astronaut बिना धरती पर कदम रखे हमें अलविदा कह देंगे. इस घटना को सुन कर कई देश दहल गए. जिसके बाद सभी देश में अपने सभी Astronaut की आत्मा को श्रधांजलि दी.

कल्पना चावला का सम्मान व पुरष्कार – Kalpana chawla achivements

कल्पना चावला को अपने जीवन में नासा के तरफ से तिन सम्मान व पुरुष्कार से सम्मानित किया गया, आइये आब हम इन सभी सम्मान व पुरुष्कार के बारे में जानते है.

  1. कांग्रेशनल अन्तरिक्ष पदक सम्मान
  2. नासा अन्तरिक्ष उडान पदक
  3. नासा विशिष्ठ सेवा पदक

कल्पना चावला का जीवन घटना क्रम

दोस्तों कल्पना चावला के जीवन की सभी चीजो का घटना क्रम कुछ इस प्रकार है.

  1. कल्पना चावला का जन्म १ जुलाई १९६१ को करनाल, हरियाणा में हुआ था.
  2. कल्पना जी ने १९८२ में पंजाब इंजीनियरिंग कालेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.
  3. सन् १९८२ में कल्पना चावला अपने आगे की पढाई के लिए अमेरिका चली गई.
  4. सन् १९८३ में कल्पना चावला जी ने अपना विवाह जीन पिएर्र हैरिसन से किया.
  5. सन् १९८४ में कल्पना चावला ने अपना एरोनॉटिक्स से मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की.
  6. सन् १९८४ में कल्पना चावला ने फिर से अपनी मास्टर्स के लिए दाखिला ले लिया.
  7. सन् १९८६ में कल्पना चावला ने एरोनॉटिक्स से अपना दूसरा मास्टर्स डिग्री प्राप्त की.
  8. सन् १९८८ में कल्पान चावला ने एरोनॉटिक्स से अपना P HD भी पूरी कर ली.
  9. सन् १९८८ में ही कल्पना ने नासा में नौकरी प्राप्त की थी.
  10. सन् १९९३ में कल्पान चावला को नासा में ओवरसेट मेथड्स इंक के अध्यापक व वैज्ञानिक के रूप में चुना गाया.
  11. सन् १९९५ में कल्पान चावला को Astronaut के ग्रुप में सामिल किया गया.
  12. सन् १९९६ में कल्पना को अन्तरिक्ष मिशन STS – 96 के दल में उडान के लिए चुना गया.
  13. सन् १९९७ में कल्पना चावला को अन्तरिक्ष में उडान भरने का पहला मौका मिला.
  14. सन् २००२ में कल्पना को अपने दुसरे अन्तरिक्ष मिशन STS – १०७ के लिए चुना गाया.
  15.  १ फरवरी २००३ में जब कल्पना चावला अपने सभी दल के साथ अन्तरिक्ष से वापस धरती पर लौट रही थी तभी उनकी मृत्यु हो गई.
लडकियों के लिए आदर्श

दोस्तों कल्पना चावला अन्तरिक्ष में जाने वाली पहली भारतीय महिला थी. जिन्होंने अपने हिम्मत और महनत से अपने सपने को सच करके दिखाया, भले ही कल्पना चावला जी अब हमारे बिच उपस्थित नहीं हो पर आज भी कल्पना चावला जी हम सब के लिए एक आदर्श का केंद्र बन चुकी है.

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अगर हम अपने नई पीढ़ी को लडकियों को बात करे तो आपको यह जान के हौरानी होगी की आज के समय की लड़की इतनी निडर हो चुकी है, की वह अपना सभी फैसले खुद ही ले सके और आज के समय में लडकियों को सम्मान इसी से ज्यादा मिलता है, क्योकि आज के समय की सभी बेटी अपनी महंत सेइस देश का नाम रोशन करती जा रही है.

इसलिए आज दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बन चुकी है, क्योकि हमारे देश की बेटी भी किसी से कम नहीं और इसी तरह की सोच को अपने दिमाग में पलते हुए हरे देश की बेटी हर चीज में लडको को बराबर की टक्कर दे रही है.

कल्पना चावला की स्पीच – Kalpana Chawla Speech

दोस्तों इस विडियो में आपको कल्पना चावला द्वारा कही स्पीच की विडियो को दिखा रहा हु, ताकि आप भी कल्पना चावला के मन की बात को जान सके और समझ सके की कल्पना चावला किस तरह करनाल से अन्तरिक्ष तक पहुची.

कल्पना चावला की कही कुछ अनमोल बाते – Kalpana chawla quotes
  • कल्पना चावला जी ने बताया की अगर आपका सपना बड़ा है, तो उससे प्राप्त करने के लिए आपको किसी भी तरह की कोई बड़ा काम नहीं करना पड़ेगा. क्योकि कल्पना ने बताया की वह अपने सभी पढाई में कभी भी प्रथम नहीं आई लेकिन तभी उन्होंने अपना सपना सच कर लिया था.
  • कल्पना चावला जी ने बताया की अगर आपको अपने जीवन में सफल होना हो तो आपको सबसे पहले अपने सभी सपनो को सच करने की एक सकारात्मक सोच बनानी होगी, इसके बाद आपको अपने अन्दर एक संकल्प लेना होगा की मुझे यह चीज हासिल ही करनी है.
  • कल्पना चावला जी ने बताया की अगर आप किसी काम को सच में करना चाहते हो तो आपको उसमे जरुर सफलता मिलेगी लेकिन अगर आप उस काम को किसी जोर जबर जास्ती से कर रहे हो तो आपको सफलता नहीं मिलेगी.
  • कल्पना चावला जी ने बताया की मेरा मन केवल एरोनॉटिक्स की पढाई और हवाई जहाज के उडान में लगा, इस लगन ने ही मुझे अन्तरिक्ष तक पहुचा दिया.
  • गर्मियों में जब कल्पना चावला भारत आती थी, तब भी वह घर के बहार खुले आकाश में सोती थी.
कल्पना चावला से जुड़े सवाल जवाब

सवाल – How old was Kalpana Chawla when she died?

जवाब – जब कल्पना चावला जी की मृत्यु हुई तब वह केवल ४१ बर्ष की ही थी.

सवाल – Did Kalpana Chawla land on moon?

जवाब – नहीं, कल्पना चावला जी ने केवल अन्तरिक्ष में प्रवेश किया था, न की चन्द्रमा में प्रवेश किया था.

सवाल – How did Kalpana Chawla died >?

जवाब – कल्पना चावला की मृत्यु स्पेस सटल के क्रेश होने के वजह से हुई थी.

सवाल – How many time Kalpana Chawla went to space?

जवाब – कल्पान चावला जी ने अन्तरिक्ष में कुल ३० दिन १४ घंटे ५४ मिनट बताया था.

सवाल – Who was the husband of Kalpana Chawla?

जवाब – कल्पान चावला के पति का नाम Jean-Pierre Harrison था.

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