पहले भारतीय अन्तरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की जीवनी – Rakesh Sharma Astronaut

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Rakesh Sharma दोस्तों आप सब ने अन्तरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय राकेश शर्मा जी के बारे में काफी सुना होगा. लेकिन क्या आपको यह पता की राकेश शर्मा जी अन्तरिक्ष में जाने से पहले क्या करते थे. इसके अलावा क्या आपको यह पता की राकेश शर्मा ने अपनी पहली अन्तरिक्ष की उडान दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी नासा से नहीं बल्कि सुवियत संघ के साथ भरी थी.

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राकेश शर्मा जी के जीवन में ऐसी कुछ और भी खास जानकारी है, जो आपको अपने भविष्य में आगे बढ़ने में काफी मदद करेगी. क्योकि आप सब ने यह तो जरुर ही सुना होगा की अगर आपको अपने जीवन में सफल बनाना हो तो आप किसी महान पुरुष के जीवन की सभी रूप रेखा को फॉलो करो, ताकि आपको भी अपने जीवन में अपने गुरु की तरह जल्दी सफलता मिले.

इसी कारण आज हम अपने वेबसाइट पर अपने प्यारे अन्तरिक्ष प्रेमी शिष्यों के लिए उनके मार्ग दर्शक अन्तरिक्ष यात्री राकेश शर्मा जी जीवनी ( Rakesh Sharma Infrmation ) के बारे में बताने जा रहे. ताकि आप भी राकेश शर्मा जी के जीवनी को पढ़ कर कुछ अच्छा सा ज्ञान ले सको और अपने सपनो को पूरा कर सको.

राकेश शर्मा का जीवन परिचय – Rakesh Sharma Biography

                             नाम                    राकेश शर्मा
      पेशा                 अन्तरिक्ष यात्री ,   भारतीय एयर फ़ोर्स पायलट
      जन्म              १३ जनवरी १९४९
  जन्म स्थान             लुधियाना , पंजाब , भारत
   राष्ट्रीयता                          भारतीय
   घर का स्थान              हैदराबाद
     जाति                       ब्राह्मण
   राशी                 मकर
अन्तरिक्ष में बिताया समय             ७ दिन २१ घंटे ४० मिनट
  पसंद                  योग
  पदक अशोक चक्र ,संग्राम मैडल ,विदेश सर्विश सेवा मैडल, ९ साल लॉन्ग सर्विश मैडल, हीरो आफ द सोवियत संघ

राकेश शर्मा का प्रारंभिक जीवन – Rakesh Sharma Biopic

Rakesh Sharma भारत के पहले अन्तरिक्ष यात्री राकेश शर्मा जी का जन्म १३ जनवरी १९४९ को पंजाब के लुधियाना स्टेट में हुआ था. राकेश शर्मा जी के पिता का नाम देवेन्द्र शर्मा और माता का नाम तृप्ता शर्मा था. जन्म के तुरंत बाद राकेश शर्मा के माता – पिता जी अपने बेटे के संघ लुधियाना से हैदराबाद में शिफ्ट हो गए.

इस स्थान से ही राकेश शर्मे जी ने अपने बचपन की पढाई सुरु की और फिर उन्होंने आगे चलाकर स्नातक की पढाई के लिए हैदराबाद के उस्मानिया विश्ववद्यालय में अपना दाखिला करा लिया. सन् १९६६ में राकेश शर्मा जी ने अपनी स्नातक की पढाई पूर्ण की और इसी के बाद उन्होंने राष्ट्रिय सुरक्षा अकेडमी ( NDA ) का पेपर दिया.

इस पेपर में राकेश शर्मा को सफलता मिली और उनको अपने आगे की पढाई के लिए राष्ट्रिय सुरक्षा अकेडमी के मुख्यालय में ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया. इसी के बाद राकेश शर्मा जी ने ३५वे राष्ट्रिय सुरक्षा अकेडमी सन् १९७० में भारतीय वायु सेना में अपना दाखिला लिया.

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Rakesh Sharma Astronau
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सन् १९७१ में राकेश शर्मा जी ने अपनी पहली एयर क्राफ्ट में उडान भरी और इसी के बाद उनकी कुशलता और लगन को देखते हुए. उन्हें सन् १९८४ ई में भारतीय वायु सेना के स्क्वार्डन लीडर और पायलट के पद के लिए नियुक्त किया गया.

सन् १९७१ में जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध में राकेश शर्मा ने अपने विमान “ मिग एयर क्राफ्ट ” से दुश्मनों को अपना शानदार परिचय दिया. जिसके बाद उन्हें इस युद्ध में शानदार सफलता मिली और इसी के बाद राकेश शर्मा जी भारत के लोंगो के बिच चर्चा में आये.

सन् १९८२ में राकेश शर्मा जी को सोवियत इंटरकॉसमॉस स्पेस प्रोग्राम और इसरो ( इंडियन स्पेस रिसर्च सेण्टर ) की तरफ से उन्हें अन्तरिक्ष में जाने का मौका मिला. लेकिन इस मौके के लिए उन्हें कई तरह के टेस्ट को भी पास करना था. इन सभी टेस्ट को राकेश शर्मा जी ने बहुत ही अच्छी तरह से पूरा किया और इसी के बाद इनका नाम अन्तरिक्ष में जाने वाले सदस्य की लिस्ट में सामिल हुआ.

इसी के बाद राकेश शर्मा १९८७ में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में सामिल हुए और १९९२ में इन्होने HAL ( हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड ) में नाशिक डिविज़न में चीफ टेस्ट पायलट के पद पर कार्य किया. इसके बाद राकेश शर्मा को HAL में चीफ टेस्ट पायलट के लिए नियुक किया गया और आगे इनका ट्रासफर बंगलौर में कर दिया गया.

राकेश शर्मा जी ने अपने कार्यकाल में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस में कुछ कार्य किया और आज भी राकेश शर्मा जी अपने देश के लिए महत्त्वपूर्ण कार्यो में अपना योगदान दे रहे है.

राकेश शर्मा का करियर – Astronaut Rakesh Sharma

Rakesh Sharma जी को बचपन से ही विज्ञानं विषय में अधिक लगाव था. इसी के वजह से उन्होंने १९६६ ई में राष्ट्रिय सुरक्षा अकेडमी की पेपर पास करके अपना दाखिला करवाया. इसके बाद जब राकेश शर्मा जी सन् १९७० में भारतीय वायु सेना में सामिल हुए.

जब राकेश शर्मा भारतीय वायु सेना में सामिल हुए तब ही उन्होंने भारत के कई लड़ाकू विमान उडाये. लेकिन इसी के बाद सन् १९७१ में जब भारत – पाकिस्तान का युद्ध हुआ. राकेश शर्मा ने अपने लड़ाकू विमान से दुश्मनों का काफी नुकशान किया. जिसके बाद भारतीय वायु सेना में राकेश शर्मा जी का नाम काफी ऊपर उठ गया.

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Rakesh Sharma
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इसी के बाद राकेश शर्मा जी ने काफी महनत की और इसी महंत के बल पर उनको सन् १९८४ में भारतीय वायु सेना में स्क्वाड्रन लीडर की जगह मिल गई. इसी के बाद राकेश शर्मा जी का चयन २० सितम्बर १९८२ में राकेश शर्मा और इनके मित्र रविश मल्होत्रा का चयन अन्तरिक्ष अभ्यास में हुआ था. जिसके बाद राकेश शर्मा को शोवियत संघ के साथ अन्तरिक्ष में जाने का मौका मिला.

इसी के बाद राकेश शर्मा जी को सन् १९८७ में भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर के पद से नियुक्त किया गया. इसके बाद राकेश शर्मा जी ने अपना योगदान सन् १९८७ में HAL ( हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड ) में कुछ समय तक दिया. लेकिन इसी के बाद सन् २००६ में राकेश शर्मा जी को ISRO ( भारतीय अन्तरिक्ष अनुसंधान संगठन ) के बोर्ड में सदस्यता मिली.

राकेश शर्मा की अन्तरिक्ष यात्रा – Rakesh Sharma on Moon

दोस्तों भारत के ISRO ( इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन ) और सोवियत संघ के बिच “ इंटरकांसमांस ” के संयुक्त अभियान के तहेत अन्तरिक्ष का अध्यन करने के लिए तीन लोंगो को इस मिशन में अतरिक्ष में भेजना था. जिसमे सोवियत संघ ने अपने दो अन्तरिक्ष यात्री और एक भारत के अन्तरिक्ष यात्री को भेजने का फैसला लिया.

इसी के बाद भारत के इसरो ने भारतीय वायु सेना के दो काबिल ऑफिसर को चुना. जिसमे एक राकेश शर्मा और उनके मित्र रविश मल्होत्रा का चयन हुआ. इसी के बाद इन दोनों लोंगो को अन्तरिक्ष अभ्यास के लिए भेज दिया गया.

लेकिन सोवियत संघ को अपने अन्तरिक्ष मिशन में किसी एक ही भारतीय को ले जाना था. लेकिन इसी के बाद सोवियत संघ ने दोनों भारतीय को अभ्यास के लिए कज़ाकिस्तान में स्थित अन्तरिक्ष स्टेशन में अभ्यास के लिए भेजा. जिसके बाद राकेश शर्मा जी इस अभ्यास में अवल रहे और फिर उन्हें ही आगे अन्तरिक्ष मिशन में सदस्य के रूप में चुना गया.

फिर आई भारत के इतिहास की वह तारिक जिसके लिए हर भारतीय को अपने भारतीय होने का गर्व महसूस होता है. क्योकि २ अप्रैल १९८४ को भारत के राकेश शर्मा अपने दो सदस्यों के साथ अन्तरिक्ष में प्रवेश करने वाले थे. इसी के बाद राकेश शर्मा जी अपने तीनो सदस्य के साथ अन्तरिक्ष यान सोयुज टी – ११ में अपनी उडान भरी.

इस उडान साथ ही भारत देश भी अन्तरिक्ष पर जाने वालो देशो की लिस्ट में १४वे नंबर पर आ गया और फिर इसी तरह भारत ने एक इतिहास भी रच दिया. इस मिशन में राकेश शर्मा को अन्तरिक्ष में लगभग ८ दिन गुजरने थे. जिसमे राकेश शर्मा जी ने अन्तरिक्ष में ( ७ दिन २१ घंटे ४० मिनट ) बिताए. इस मिशन में राकेश शर्मा ने अपने टीम के साथ मिल कर कुल ३३ प्रयोग किए. इन सभी प्रयोगों में राकेश शर्मा को बायो – मेडिसिन और रिमोट सेंसिंग से जुड़े प्रयोग की जिमीदारी मिली थी.

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इस मिशन के दौरान सोवियत संघ के सदस्यों ने नई दिल्ली में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्द्रा गाँधी के साथ इस मिशन में गए सभी अन्तरिक्ष यात्रियों के साथ वार्तालाप का एक अच्छा सिस्टम बनाया. इस वार्तालाप ने इंद्रा गाँधी जी ने राकेश शर्मा एक अद्भुत सवाल पूछा

सवाल – राजेश अन्तरिक्ष से भारत कैसे दीखता है.

जवाब – सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा…

इस सवाल के जवाब से इंद्रा गाँधी का मान ख़ुशी से भर गया और फिर पुरे देशवासियों का इस जावाब से अपने अपने भारतीय होने पर एक गर्व महसूस हुआ. इस जवाब ने काफी दिन तक अखबारों में सुर्किया भी बटोरी, लेकिन काफी लोंगो ने इस बात का विरोध भि किया. इन सभी विरोधियो का कहना था की इन सभी गृह पर जाना अपवित्र है, हमारा धर्म इस बात को और मुकाम को स्वीकार नहीं करता है. लेकिन देश के सभी लोंगो ने इस बात विरोध न करके बल्कि राकेश शर्मा के अन्तरिक्ष में जानने का जश्न मनाया.

अन्तरिक्ष में कार्य

जब राकेश शर्मा अन्तरिक्ष में अपने दल के साथ अन्तरिक्ष यान सेल्युत – ७ से अन्तरिक्ष की ओर निकले. इस मिशन में राकेश शर्मा को अपने दल के साथ मिल कर अन्तरिक्ष में कुल ३३ प्रयोग करने थे, जिसमे से राकेश शर्मा को बायो – मेडिसिन और रिमोट सेंसिंग से जुड़े प्रयोग करने थे. इसके साथ ही राकेश शर्मा को अन्तरिक्ष से कई फोटो भी लेनी थी.

इसी तरह से राकेश शर्मा जी ने अपने पहले मिशन में बहुत ही अच्छा काम किया और इसी काम के साथ उनकी तस्वीर को भारतीय टेलीविज़न पर दिखाया गया. इस तस्वीर को देख कर सभी देशवासी ने राकेश शर्मा जी की बहुत प्रशंसा की थी.

ISRO सदस्यता

राकेश शर्मा जब अपने मिशन से वापस ए तब उन्हें भारतीय वायु सेना की विंग कमांडर की पोस्ट पर रखा गया. इसके बाद उन्हें HAL ने कार्यभार सँभालने के लिए नियुक्त किया गया. इसी के बाद उन्हें २००६ में इसरो ( इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन ) की सदस्यों की समिति में सामिल कर लिया गया.

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राकेश शर्मा ने इस समिति के साथ जुड़ कर एक नए लड़ाकू विमान की अनुमति भी दी, जिसके बाद इन्होने तेजास लड़ाकू विमान में भी अपना सहयोग दिया. आज के समय में राकेश शर्मा “ ऑटोमेटेड वोर्क्फ्लोर कंपनी ” के बोर्ड चैरमैन के रूप में काम कर रहे है.

सम्मान व् पुरष्कार – Rakesh Sharma Awards

  • जब राकेश शर्मा अपने मिशन से वापस लौट कर आये, तब उन्हें सोवियत संघ के तरफ से “ हीरो ऑफ सोवियत संघ ” से समानित किया गया.
  • भारत सरकार ने भी राकेश शर्मा को देश के सबसे सर्वोच्य सम्मान “ अशोकचक्र ” से सम्मानित किया, इसी के साथ भारत सरकार ने राकेश शर्मा के साथ अन्तरिक्ष में गए दो अन्य यात्रियों को भी अशोक चक्र से सम्मानित किया.

राकेश शर्मा का व्यक्तिगत स्वाभाव

राकेश शर्मा जी अपने जीवन में बहुत ही सरल मिजाज के व्यक्ति थे, उन्होंने अपने जीवन में काफी महत की और अपनी महनत के दम पर ही राकेश शर्मा को अन्तरिक्ष में जाने का मौका मिला. इसी के बाद उहोने भारतीय वायु सेना और विज्ञानं के फिल्ड में काफी अच्छा कम किया.

इस के बाद उन्होंने अपना विवाह सेना के रिटायर्ड ऑफिसर पी. एन. शर्मा की सुपुत्री मधु शर्मा के साथ तय हुआ. अपने रूस प्रवास के दौरान उन्होंने वह की भाषा को भी सिखा. राकेश शर्मा के विवाह के बाद उन्हें एक पुत्र और एक पुत्री की प्राप्ति हुई. इनके पुत्र कपिल इस समय एक फिल्म निर्देशक और इनकी पुत्री कृतिका एक मिडिया कलाकार है.

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राकेश शर्मा का जीवन घटना क्रम – Rakesh Sharma Short Biography

  1. राकेश शर्मा का जन्म १९४९ में पटियाला के एक पंजाबी परिवार में हुआ था.
  2. राकेश शर्मा का चयन १९६६ ने NDA में हुआ.
  3. राकेश शर्मा जी १९७० में जब NDA करके निकले तब उनको भारतीय वायु सेना में एक टेस्ट पायलट के तौर पर रखा गया.
  4. राकेश शर्मा ने १९७१ में अपना पहला लड़ाकू विमान मिकोया गुरेविच जी की एक रुसी विमान था यूज़ उड़ाया.
  5. सन् १९८२ में राकेश शर्मा जी का नाम सोवियत संघ के अन्तरिक्ष मिशन में सम्मिल हुआ.
  6. सन् १९८४ में राकेश शर्मा ने अपने दो रुसी अन्तरिक्ष यात्रियों के साथ अन्तरिक्ष में उडान भरी और इसी तरह वह भारत के अन्तरिक्ष में जाने वाले पहले यात्री भी बन गए.
  7. सन् १९८७ में राकेश शर्मा जी को भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर के पद पर नियुक्त किया गया.
  8. सन् १९८७ में ही राकेश शर्मा ने टेस्ट पायलट के तौर पर “ हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड ”में अपनी सेवा दी.
  9. सन् २००६ में राकेश शर्मा जी को भारतीय अन्तरिक्ष एजेंसी ISRO में अपनी सेवा दी.

राकेश शर्मा जी की उपलब्धियाँ – Rakesh Sharma in Hindi

  • जब राकेश शर्मा अपने अन्तरिक्ष मिशन से वापसआये तब उन्हें भारत के सबसे सर्वोच्च्या सम्मान “ अशोक चक्र ” से सम्मानित किया गया.
  • सोवियत संघ ने अपने निशान के सही सलामत लौटने के जश्न में राकेश शर्मा को “ हीरो आँफ सोवियत संघ ” से सम्मानित किया.
  • राकेश शर्मा को वर्ष १९८७ में भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर के पद के लिए नियुक्त किया गया.
  • इसी के बाद राकेश शर्मा को “ हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड” ने कार्यभार सँभालने के लिए नियुक्त किया गया.
  • राकेश शर्मा को २००६ में ISRO ने सभी बोर्ड के सदस्य के साथ सामिल किया गया.
  • राकेश शर्मा इस समय ( Rakesh Sharma Now ) एक कंपनी “ ऑटोमेटेड वोर्क्फ्लोर ” के चैरमैन भी नियुक्त हुए.
राकेश शर्म की स्पीच – Rakesh Sharma Speech

 इस विडियो में हम आपको मोटिवेशन के लिए राकेश शर्मा जी की एक स्पीच दिखा रहे, जिसे देख कर आप भी राकेश शर्मा जी से कुछ सिख सकेंगे.

राकेश शर्मा जी अन्तरिक्ष से बात करते हुए

इस विडियो में हम आपको राकेश शर्मा और प्रधानमंत्री इंद्रा गाँधी जी के बिच अन्तरिक्ष (Rakesh Sharma In Space ) में बात करने की विडियो दिखने जा रहे. जिससे आप को भी एक भारतीय होने पर फक्र मह्सुश होगा.

राकेश शर्मा से जुड़े सवाल

सवाल – When did Rakesh Sharma died?

जवाब – राकेश शर्मा की मृत्यु अभी नहीं हुई है.

सवाल – Did Rakesh Sharma landed on moon?

जवाब – नहीं, राकेश शर्मा जी चाँद पर नहीं उतरे थे.

सवाल – How did Rakesh Sharma describe India from space?

जवाब – राकेश शर्मा जी ने बताया “ सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा ” इसी शब्द से राकेश शर्मा ने अन्तरिक्ष से भारत का वर्णन किया.

सवाल – Why Rakesh Sharma is popular?

जवाब – राकेश शर्मा जी भारत के पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने अन्तरिक्ष में कदम रखा था. इसी की वजह से राकेश शर्मा काफी लोकप्रिय थे.

सवाल – What is the age of Rakesh Sharma?

जवाब – राकेश शर्मा जी की आयु लगभग ७० बर्ष है.

सवाल – Who is the wife of Rakesh Sharma?

जवाब – राकेश शर्मा के पत्नी का नाम मधु शर्मा है.

सवाल – Who went to space with Rakesh Sharma?

जवाब – राकेश शर्मा के साथ अन्तरिक्ष में सोवियत संघ के दो अन्य यात्री भी गए हुए थे.

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