Server kya hai and how its work in Hindi.

Server kya hai
Server kya hai

दोस्तो server kya hai के बारे मे तो अपने जरूर सुना होगा। अगर नहीं सुना तो आप इस पोस्ट को पढे आप server kya hai के बारे मे जान जाएंगे।

दोस्तो Server kya hai जिसके बारे मे अपने कभी न कभी तो सुना होगा। अगर आप एक इंटरनेट user हो तो अपने जरूर ही सुना होगा। क्योकि आपको पता है की जब आप कभी किसी ऐसी साइट को open करते है। जो अभी तुरंत चालू हुई है। तो आपको server तो busy का messege आता है। जिससे आपको पता चलता है की इस साइट पर ज्यादा लोड हो गया है।

इस लिए यह साइट open नहीं हो रही है। तब आप कहते हो की server नहीं आ रहा है। या जब आप कोई फॉर्म को भरते हो ऑनलाइन तो आपको पता होगा की कभी कभी आपकी साइट ओपें नहीं होती क्योकि इसपर बहुत ज्यादा लोड हो जाता है जिसके कारण यह open नहीं होती है।

अगर आप एक स्टूडेंट हो तो अपने अगर कम्प्युटर सबजेक्ट लिया होगा तो अपने जरूर पढ़ा होगा। अगर नहीं पढ़ा तो मेरी पोस्ट को पढ़ो। आपको पका server के बारे मे पता चल जाएगा। और इसके बाद आप कभी भूलो गे भी नहीं की सर्वर क्या होता है।

पहले आप ये जानो की जब आप कोई चीज को सर्च करते हो गूगल पर किसी website को तो जब आप उसको open करते हो तो वह website ओपें क्यो नहीं होती है। इसका कारण यह होता है की जो वैबसाइट का डाटा होता है। वो इस server पर upload होता है। और इस server की एक limit होती है। की इनको आज का इतना ही व्यू अपने सर्वर पर आने देना है।

Server kya hai
Server kya hai

तो इसलिए जब कोई न्यू website बनती है। तो उस पे अचानक से ज्यादा ट्राफिक आ जाने के कारण उसमे server को सबकी IP Address को फाइंड करने मे दिकट होने लगती है। या कह लो की उसकी website के server पर view आने की limit खतम हो जाती है। जिसके कारण उस वैबसाइट पर server to busy का messege आ जाता है। और आपको इंतज़ार करना पढ़ता है।

What is Server? ( Server kya hai )

दोस्तो server एक ऐसा device है। जिसका काम है अपने user को सेवा प्रदान करना और यह सेवा हम लेते है। internet या किसी file या किसी एलेक्ट्रोनिक device के मदद से।

जब आप किसी डाटा को किसी device मे डालते हो। जैसे की memory card , pan drive , CD , DVD , या Hard Disk जैसी कोई अन्य device इसमे हम अपने डाटा को सेव करके रखते है। और जब किसी को जरूरत होती है तो उसको देते है। इसे आप offline Server भी कह सकते है।

अब आइए जानते है। इंटरनेट के server के बारे मे की यह क्या होते है। देखिये जब आप किसी भी चीज को search करते है। internet पर तो होता यह है। की जिस भी चीज को आप search करते है। वो डाटा किसी न किसी website के server पर upload होता है।

तो इसे होता यह hai की जब आप किसी भी चीज को search करते हो तो इसका मतलब आप request करते हो search engine पर उसके बाद search engine के bots उस वैबसाइट के server के पास आपकी request को लेकर जाते है। और server फिर आपको उस website के उस data को dekhne की अनुमति देते है। तब आप उस डाटा को देख पते हो।

यह सब कम कुछ ही माइक्रो सेकेंड मे हो जाता है। पर कभी कभी ऐसा भी हो जाता है की आपकी website को open होने मे टाइम लग जाता है। इसका मतलब यह होता है की जो उस website की server स्पीड होती है। वो कम होती है। तब यह दिकट देखने को मिलती है।

Server को आप कही भी बना सकते हो। किसी भी computer मे या किसी laptop मे बस उसमे आपको server का program इन्स्टाल करना रहता है। पर यह सर्वर ज्यादा काम का नहीं होता। इसमे आपको तबतक ही डाटा मिल सकेगा जबतक आप का डिवाइस ऑन रहेगा। उसके बाद आपको server provide नहीं किया जाएगा।

मतलब आपको फिर डाटा नहीं मिल पाएगा। इस तरह के server को हम Non- dedicated Server कहते है। यह Server लोंग अपने school मे college मे या किसी छोटी प्लेस पर किया जाता है। जहा पर ज्यादा sever का यूस नहीं होता है।

इसके अलावा कुछ ऐसे भी कम्प्युटर होते है। जहा पर 24 घंटे डाटा का यूस होता है। जैसे इंटरनेट पर कोई वैबसाइट। क्योकि इस वैबसाइट के डाटा को हर कोई search कर सकता है। इसके अलावा वो कभी भी कही भी सर्च कर सकता है। तो इसके लिए वैबसाइट के क्रिएटर अपना अलग server लेते है। जिसे हम Hosting भी कहते है। यह एक non-dedicated server होता है।

Server कम कैसे करता है

दोस्तो अपने ये तो जन लिया की सर्वर क्या होता है अब जानिए की server कम कैसे करता है। देखिये जब आप किसी चीज के बारे मे गूगल करते है। या youtube पर search करते है। , या कोई और अन्य प्लैटफ़ार्म पर तब होता यह है। की जब आप सर्च करते हो तो इसका मतलब ये होता है।

आप request करते हो उस प्लैटफ़ार्म पर तब उस प्लैटफ़ार्म के बोट्स आपका संदेश लेकर उस वैबसाइट के सर्वर के पास जाते है। फिर सर्वर आपको अंदर आने की अनुमति देता है। तब आप उस फ़ाइल के डाटा को देख पते हो। इसी तरह server कम करता है।

Internet पर आप जितनी भी चीज को search करते हो सब सर्वर के मदद दे आपको उस डाटा तक पाहुचते है। यह काम कुछ ही माइक्रो सेकेंड मे हो जाता है। ise Server kya hai kahte hai.

Server कितने तरह के होते है

दोस्तो Server कई तरह के होते है। इसका कारण यह है की सभी server एक तरह कम नहीं करते है। क्योकि इनके अंदर कई तरह के change होते है। स्पीड को लेकर , storage को लेकर , और भी कई चीज का अंतर होता है।

आइए जानते है की सर्वर कितने तरह के होते है।

  1. Web Server –   दोस्तो यह एक ऐसा server होता है। जिसका आज कल हम बहुत ज्यादा ही उसे करते है। यह server कई सारे कम्प्युटर server से मिलकर बना होता है। जिसका यूस हम website को store करने मे करते है। जब हम website को बनाते है। तो हमको server भी लेना पढ़ता है। ताकि हमारे website का डाटा स्टोर हो सके। और जब भी कोई view आए और मेरी वैबसाइट को search करे तो वो सीधे मेरे server पर पाहुचे। इसको ही web server कहा जाता है। यह server HTTP Protocal को फॉलो करते है।
  • Mail Server – इस तरह के server का को mail भेजने तथा उसको recive करने मे किया जाता है। इस mail के अंदर data को स्टोर भी किया जाता है। और इस डाटा की जब किसी को जरूरत होती है। तो उसको भेज दिया जाता है। इस server को virtual पोस्ट ऑफिस भी कहते है। क्योकि इसके अंदर पोस्ट को भेजने तथा रिसिव करने का काम होता है। बिलकुल ही पोस्ट ऑफिस के तरह इस लिए इसे mail server कहते है।
  • File Server – इस तरह के server के अंदर File transfer जैसा काम होता है। जब किसी user के द्वारा किसी device के अंदर किसी फ़ाइल को सेव करके रखा जाता है। इसके बाद जब किसी view को उस फ़ाइल के डाटा को download करना रहता है। तब वह इस server पर जाता है। और वह से उस फ़ाइल के data को डाउनलोड करता है। इस तरह के server को File Server कहते है।
Server का क्या use होता है

दोस्तो अपने Server kya hai को जन लिया । कितने तरह के होते है ये भी जान लिया अब जानने की बारी है। की server का use क्या होता है। क्यो लोंग server को खरीदते है।

दोस्तो सर्वर एक ऐसा चीज है। internet की दुनिया मे जिसके बिना आप किसी भी फ़ाइल को store नहीं कर सकते है। इस लिए सभी company अपना server भी लेते है ताकि वो अपने डाटा को वह सेव करके रखे।

जब उनको कम हो वो वह से उस डाटा को निकाल कर अपना काम कर सके । इसी लिए server का यूस किया जाता है। चाहे वो कोई भी company क्यो न हो अगर उसने अपने आप को internet पर रेसिस्टर किया है। तो उसको server भी लेना पढ़ता है। जिसको हम सब होस्टिंग कहते है।

Server कैसे खरीदा जाता है

दोस्तो आपको बता दु की अगर आप भी अपनी वैबसाइट या कोई कंपनी का वैबसाइट , application को बनाते है तो आपको भी server लेना पढ़ता है। जिसे हम hosting कहते है इस hosting मे आपको cloud server , linux server इसके अलावा और भी कई सर्वर होते है। वो भी देखने को मिल जाता है। इसको खरीदने के लिए आपको आपको hosting सर्च करना होगा और आपको कई वैबसाइट मिल जाएंगी। hosting की जहा से आप होस्टिंग खरीद सकते है।

दोस्तो अगर आपको Server kya hai यह पोस्ट अछा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तो मे शेअर कर सकते है। इसके आलावा आप की अगर कोई दिकत है पोस्ट को लेकर या कोई सवाल है तो आप मुझे comment कर दे।

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