सफलता के लिए अपनाये स्वामी विवेकानंद के १० अनमोल कथन – Swami Vivekananda quotes

swami vivekananda quotes
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Swami Vivekananda Quotes भारतीय संस्कृति को जन – जन तक पहुचने वाले स्वामी विवेकानंद जी भारतीय संस्कृति के प्रचंड ज्ञानी व इतिहास के ज्ञाता के रूप में जाने जाते है, स्वामी विवेकानंद जी ने अपने पुरे जीवन में कई यात्रा की थी. स्वामी विवेकानंद की इन सभी यात्रा का केवल एक ही मकसद था, की नव युवको को उनकी सफलता की रह के बारे में बताया जाये.

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स्वामी विवेकानंद जी ने भारतीय संस्कृति का विदेशो में काफी प्रचार – प्रसार किया. इन प्रचारों के वजह से ही आज भारत देश के भारतीय संस्कृति की विदेशो में एक अलग ही पहचान बन के उभरी है. स्वामी जी ने इन प्रचारों के साथ – साथ लोंगो को अपने जीवन में सफल , सचाई का सामना, बढ़ो का आदर , संस्कृति की पहचान आदि विषय के बारे में बताया.

स्वामी विवेकानंद का सम्पूर्ण जीवन परिचय

स्वामी विवेकानंद जी के बताये विचारो की वजह से ही आज दुनिया में विवेकानंद जी की एक अलग पहचान है, क्योकि स्वामी विवेकानंद के बताये विचारो में पूर्ण रूप से सत्यता प्रकट होती थी. इस लिए दुनिया में आज भी आपको कई ऐसे लोंग मिलेंगे जो अपने जीवन में सफल होने के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारो पालन करते है.

स्वामी विवेकानंद अनमोल कथन – Swami Vivekananda quotes

कथन १ –                “ एक अच्छे चरित्र का निर्माण ”

                      “ कई ठोकरों को खाने के बाद होता है ”

अर्थ – स्वामी विवेकानंद जी ने बताया की अगर आपको अपने समाज मे अपनी खुद की एक अच्छी प्रतिमा बनानी है. तब आपको अपने जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए कई प्रयास करने चाहिए. क्योकि आपके इन्ही प्रयासों में अपनी असली सफलता छुपी रहती है. इसी सफलता में अपकी एक अच्छी तस्वीर भी छिपी रहती है. जो आपके अच्छे चरित्र का निर्माण भी करती है.

कहानी – आप सभी ने सायद बल्ब के अविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन के बारे में तो जरुर ही पढ़ा होगा. जिनको बचपन में स्कूल के अध्यापक ने स्कुल से यह कह कर निकल दिया था. की यह दिमाग से पूरी तरह से पागल हो गया है. अगर हम इसे अपने स्कूल में पढ़ाएंगे तो हम सब अध्यापक भी पूर्ण रूप से पागल हो जायेंगे.

इसी के बाद थॉमस अल्वा एडिसन की माता जी ने थॉमस को खुद ही घर पर पढाया और आगे चलाकर यही पागल लड़के ने पुरे विश्व को अपने एक अविष्कार से रोशन कर दिया, थॉमस अल्वा एडिसन को इस अविष्कार में पहली ही बार में सफलता नहीं मिली उन्होंने 1000+ से ज्यादा बार इस इलेक्ट्रिक बल्ब का निर्माण किया. लेकिन हर बार उन्होंने असफलता मिली लेकिन सभी असफलता के बाद एक बार सफलता मिली और इसी सफलता ने आप थॉमस अल्वा एडिसन का नाम पुरे विश्व में चमका दिया.

कथन २ –               “ संभव की सीमा को पूर्ण रूप से जाने के लिए आपको ”

                       “ असंभव की सीमा से आगे निकलना पड़ेगा ”

अर्थ – स्वामी जी ( Swami Vivekananda Quotes ) ने बताया की अगर आपको अपने जीवन में पूर्ण रूप से सफल या कामियाब बनना है. तब आपको अपने जीवन में सबसे पहले सफलता तक न पहुचने वाली चीज ( नकारात्मक सोच , आलास , कमजोरी आदि ) जिसे आप सब असफलता का नाम दे देते है. इन सभी चीज से आपको पूर्ण रूप से दूर करना पड़ेगा. क्योकि जब तक आप अपने दिमाग से असफलता का भुत नहीं उतरेंगे. तब तक आप सफलता को प्राप्त नहीं कर पाएंगे.

कहानी – आप सभी ने संजय दत्त की संजू फिल्म तो जरुर ही देखी होगी. इस फिल्म में संजय दत्त के जीवन के बारे में दिखाया गया है, लेकिन इस फिल्म में मुझे संजय दत्त की सबसे अच्छी चीज यह लगी की किस तरह संजय दत्त ने अपने जीवन की सबसे बुरी चीज नशा को छोड़ कर. एक स्वस्थ जीवन मनुष्य के सामान अपने जीवन को बनाया.

यह एक फिल्म नहीं बल्कि हम सब के सबसे चाहिते संजय दत्त के जीवन की असली कहानी है, क्योकि संजय दत्त को अपने जवानी के समय में नशा की काफी बुरी आदत लग गई थी. इस नशा को छोड़ने के लिए संजय दत्त ने काफी मसकत की तब कही आज संजय दत्त हम सब के करीब उपस्थित है.

इस फिल्म में हमको सिखने को यह मिला की संजय दत्त के लिए नशा छोड़ना एक सफलता को प्राप्त करने के सामान था, लेकिन वही नशा की लत , नशा की बढ़ोतरी , नशा न छोड़ पाना यह सब एक असफलता की तरह था. लेकिन अगर आप सफलता प्राप्त करनी हो तो आपके असफलता से आगे निकलना ही पड़ेगा.

कथन ३ –              “ परोपकार धर्म का दूसरा नाम है ”

                        “ पीड़ा देना सबसे बड़ा पाप ”

अर्थ – स्वामी विवेकानंद जी ( Swami Vivekananda Quotes ) ने बताया की परोपकार ही धर्म का दूसरा नाम है, क्योकि अगर आप किसी व्यक्ति की भूल – चुक को बिना किसी सजा के छमा कर देते है. तो यह आपका परोपकार होगा उस व्यक्ति के ऊपर, क्योकि परोपकार की भावना अपने मन में उत्पन्न करना भी किसी पूजा पाठ से कम नहीं है.

इस लिए स्वामी जी ने बताया की आप किसी भी व्यक्ति को पीड़ा न दे. बल्कि उस व्यक्ति की भूल को एक गलती मान कर माफ़ का दे. क्योकि किसी को पीड़ा देना एक पाप के बराबर होता है. इस पाप के बाद अगर आप धर्म ने लीं होकर पूजा – पाठ भी करते हो तो उसका कोई मूल्य नहीं है. इस लिए अपने मन में आप परोपकार की भावना को उत्पन्न करे.

कहानी – दोस्तों भारतीय इतिहास में आपको परोपकार के ऊपर कई कहानी देखने को मिल जाएँगी, क्योकि भारत के इतिहास में राज्य करने वाले सभी राजाओ के अन्दर एक परोपकार की भावना हमेशा उत्पन्न रहती थी. अगर आपको याद होगा तो आप सायद जानते होंगे की किस तरह पृथ्वी राज चौहान ने महोम्मद गौरी को युद्ध में १५ बार माफ़ किया था.

इसी प्रकार भारतीय इतिहास में कई और रजा हुए. जिन्होंने अपने दुश्मनों को कभी दुष्मन की नजर से नहीं देखा और उनके ऊपर एक दया की भावना दिखाते हुए. उन्हें हमेशा माफ़ किया है.

कथन ४ –                 “ खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है ”                     

अर्थ – स्वामी विवेकानंद जी अपने विद्यार्थियों को हमेशा यह बात कहा करते थे. अगर आप अपने आपको किसी कम को करने में असफल या कमजोर समझते हो तो यह आपका सबसे बड़ा पाप है, क्योकि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जी किसी कम को करने में मन या दिमाग से कमजोर नहीं है. लेकिन जिन व्यक्ति को अपने जीवन में सफल बनान होता है, वह अपने आप ही अपनी कमजोरी को दूर करके कूद को सझम बनता है.

इस लिए अगर आप अपने आप को कमजोर समझते हो तो यह आपका एक पाप है. इसे आप जल्द से जल्द दूर करे तभी आपको सफलता मिलेगी.

कहानी – दोस्तों मन से कमजोर व्यक्ति की कहानी तो आप सब ने कई बार सुनी होगी. जिसमे कुछ व्यक्ति किसी कम को करने से पहले ही सोच लेते है, की मुझसे यह काम कभी नहीं होगा लेकिन जब वह असल में इस काम को करने के लिए अपने कदम को आगे बढ़ाते है. तब उन्होंने पता चलता की हम भी किसी से कम नहीं और फिर वह अपने जीवन में सफल हो जाते है.

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कथन ५ –                     “ जब तक जीना, तब तक सीखना ”

                         “ अनुभव ही जगत की सर्वश्रेस्ठ शिक्षक है ”

अर्थ – स्वामी विवेकानंद जी ( Swami Vivekananda Quotes ) ने बताया की अगर आप अपने जीवन में सर्वश्रेस्ठ बनना चाहते हो तो आपको अपने जीवन में हर छोटी – बड़ी चीज से जो सिखने को मिले उससे आपको कुछ न कुछ जरुर सीखना चाहिए. क्योकि इन  सब छोटी – बड़ी चीज से आपको जीवन में आगे बढ़ने का भरपूर ज्ञान मिलता है. इस लिए आप अपने जीवन में मृत्यु से पहले जितना कुछ सिख सके. उतना आप जरुर सीखे.

कहानी – आप सभी ने Dr. A P J Abdul Kalam के बारे तो जरुर ही सुना होगा. जिन्होंने अपना पूरा जीवन कुछ नया सिखने व अपने देश के विज्ञानं को आकाश तक ले जाने में लगा दिया. आज के समय में भले ही अब्दुल करम जी हम सब के बिच उपस्थित न हो लेकिन उनके काम और विज्ञानं के प्रति लगाव को कोई नहीं भूल सकता.

अब्दुल कलम जी ने अपना पूरा जीवन ही पढाई में लगा दिया और आखरी में अपनी मृत्यु से पहले यह कहा की मेरी मृत्यु के दिन किसी भी तरह का कोई अवकाश न दिया जाये, बल्कि मेरी मृत्यु के दिन भी रोज के तरह काम किया जाये तभी मुझे खुसी मिलेगी. इस लिए आज भी अब्दुल कलम जी के जयंती के दिन देश में अवकाश नहीं रहता है.

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कथन ६ –               “ दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो ”

अर्थ – स्वामी विवेकानन्द जी ने बताया की अगर आपको किसी चीज का निर्णय लेना हो तो आप अपने दिमाग  की बात न सुन कर बल्कि अपने मन की बात सुनो क्योकि दिमाग आपको हमेशा किसी न किसी तरह के चीज में उलझाना चाहता है, लेकिन आपका मन हमेशा अपने आप की सुनता है, क्योकि उसे पता है की अगर हम इन्हें किसी भी तरह की कोई गलत चीज बताएँगे तब हम भी मुसीबत में फस जायेंगे. क्योकि अगर शरीर ही नहीं रहेगा तो दिल भी कैसे जीवित रहेगा.

इस लिए आप अपने मन की सुनो ताकि आप उस चीज को बड़ी ही गहरे से जान सको. क्योकि आपका दिमाग ऊपर से सोचता है लेकिन अपना मन किसी भी चीज को बड़ी ही गहरे से सोचता है.

कहानी – दोस्तों अगर आप अभी भी इस बात को लेकर बहुत चिंतित हो की हमें किसकी बात सुना चाहिए तो आप इस विडियो को देखो जिसमे आपको थोडा ज्यादा अच्छे से दिल और दिमाग के बारे में बताया गया है.

कथन ७ –            “ बाहरी स्वभव केवल अन्दुरुनी स्वाभाव का बड़ा रूप है ”

अर्थ – दोस्तों स्वामी विवेकानंद जी ( Swami Vivekananda Quotes ) ने बता की अगर आप दिल से सच्चे होगे तो आप बहार से भी उसी प्रकार कम करोगे, लेकिन अगर आप दिल के बुरे होगे तो आप की सोच बहार भी लुट , चोरी , गुसा आदि जैसे ही रहेगी. इस लिए आप अपने आप को अन्दर से बदले न की आप उपरी दिखावा करे.

कहानी – दोस्तों इस कहानी में हमने आपको हमने दो काली और गोरी बहु के बारे में बताया है, इसमें एक बहु का चहेरा काफी कला था. लेकिन वह दिल की बड़ी ही साफ और दुसरो की भला करने वाली थी. लेकिन वही दूसरी तरफ दूसरी बहु जो काफी गोरी थी, वह बहुत ही कमचोर , अलाश से भरी , घमंडी थी. इस कहानी को पूरा देखने के लिए निचे प्ले बटन पर क्लिक करके दोनों बहु की स्वबाव की कहानी को जन सकते है.

कथन ८ –                  “ सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य ”

                   “ भगवान पर निर्भर न होकर खुद हासिल करना ”

अर्थ – स्वामी जी ने बताया की जो व्यक्ति अपने जीवन में सफल होने के लिए खुद पर निर्भर रहता है, वह अपने जीवन में जल्द सफल हो जाते है, लेकिन जो व्यक्ति अपने जीवन में सफल होने के लिए खुद महनत नहीं करते और भगवान पर निर्भर रहते है, वह कभी भी अपने जीवन में सफल नहीं हो पते है.

कहानी – आज हम आपको दो भाई की कहानी बताएँगे, जिसमे एक भाई काफी महनत करता और दूसरा केवल भगवान पर निर्भर रहता था. इस कारन महनत करने वाला भाई अपने जीवन में सफल हो गया और दूसरा भाई अपने जीवन ने असफल हो गया. इस बात से असफल भाई अपने बड़े भाई की काफी बुरे करने लगा. जिसके बाद असफल भाई रोज भगवान से अपने असफल होने का कारण पूछता रहता था.

इस कहानी को पूरा पढ़ाने के लिए आपको इस विडियो को पूरा देखना पड़ेगा क्योकि असली चीज इस विडियो में ही आपको मिलेगी.

कथन ९ –                  “ बस वही जीते है, जो दुसरो के लिए जीते है ”

अर्थ – स्वामी जी ( Swami Vivekananda Quotes ) ने बताया की अगर आप किसी दुसरे के काम नहीं आ सकते तो आपका जीना भी एक मृत्यु के सामान होगा. इस लिए आप अपने जीवन में अपने से ज्यादा दुसरे के मदद में काम आये. ताकि जब आप कभी किसी मुसीबत में हो तो आप की हर कोई मदद करने आये.

मदर टेरेसा ने मानवता के लिए कहे यह १० अनमोल वचन 

कहानी – आप सभी ने मदर टेरेसा के जीवन के बारे में तो जरुर ही सुना होगा की किस तरह मदर टेरेसा जी अपने से ज्यादा दुखी , लाचार , बीमारी , रोगी आदि लोंगो की मदद करती थी. इस लिए आज भी लोंग उनको भगवान की तरह पूजते है. क्योकि उन्होंने कभी भी किसी चीज पर घमंड नहीं किया और अपना पूरा जीवन लोंगो की सेवा में लगा दिया था.

अगर आप मदर टेरेसा के जीवन के बारे में जानना चाहते हो तो आप इस लिंक पर क्लिक करे.               

कथन १० –             “ एक समय में केवल एक ही काम करे ”

                   “ उस काम को आप अपनी अंतरात्मा के साथ करे ”                

अर्थ – स्वामी जी बताया की अगर आपको एक साथ कई काम करने हो तो आप सभी कामो को एक – एक करके करे. क्योकि जब आप सभी काम को एक साथ करोगे तब आपको किसी भी कम में सफलता नहीं मिलेगी इस लिए आप हर काम एक एक – एक करके करे, ताकि आप हर काम को जल्दी और सफलता के साथ करे.

कहानी – दोस्तों यह जीवन का बहुत ही बड़ा सत्य है, क्योकि जब आप एक साथ कई काम को करते हो तो आपको उनमे कई परेशानी और असफलता दोनों ही हाथ लगती है, लेकिन अगर आप किसी भी काम को एक – एक करके करते हो तो आपको उसमे बहुत जल्द सफलता मिलती है, इस लिए आप जब भी कोई काम करे तो आप उस काम को एक – एक करके करे.

1 Comment

  1. हैलो।.

    मैं कहां से अपनी वेबसाइट पर मुक्त करने के लिए जेविल डाउनलोड कर सकते हैं?
    अपने समर्थन से जानकारी मिली. जेविल वास्तव में कैप्चा को सुलझाने के लिए सबसे अच्छा कार्यक्रम है, लेकिन मैं इसके बारे में नवीनतम संस्करण की जरूरत है ।

    धन्यवाद.

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